वादे से कहानी तक
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*वादे से कहानी तक*
जो तुमने कहा था
जो तुमने किया था
वो भी उस वक्त एक वादा ही था
न तुमने उसे निभाया
न तुमने आवाज दी
और उसी खामोशी में डूबा मैं
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इतिहास रच सकती हूँ मैं
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मैंने आहुति बनकर देखा, यह प्रेम यज्ञ की ज्वाला है - यह कहना है कानपुर
निवासिनी श्री हरीचन्द्र जी और श्रीमती जमुना देवी जी की योग्य सुपुत्री
सुषमा कुमारी ...